रहीम के दोहे

by shikha@prashidigitech.com
0 comments

रहिमन बात अगम्य की कहन सुनन की नाहिं
जे जानत ते कहत नहि कहत ते जानत नाहिं

अपने फ़ेवरेट में शामिल कीजिए
रहिमन धागा प्रेम का मत तोड़ो छिटकाय

टूटे से फिर ना मिले मिले गाँठ पड़ जाय
अपने फ़ेवरेट में शामिल कीजिए

बड़े बड़ाई ना करैं बड़ो न बोलैं बोल
‘रहिमन’ हीरा कब कहै लाख टका मो मोल

banner

अपने फ़ेवरेट में शामिल कीजिए
रहिमन पानी राखिये बिनु पानी सब सून

पानी गए न ऊबरे मोती मानुष चून
अपने फ़ेवरेट में शामिल कीजिए

रहिमन चुप ह्वै बैठिए देखइ दिनन को फेर
जब नीके दिन आइहैं बनत न लगिहै देर

You may also like

Leave a Comment