Home देवी-देवता एवं संतदेवीमहिषासुरमर्दिनी मां श्री दुर्गादेवी

महिषासुरमर्दिनी मां श्री दुर्गादेवी

by shikha@prashidigitech.com
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नवरात्रि महिषासुरमर्दिनी मां श्री दुर्गादेवी का त्यौहार है । देवी ने महिषासुर नामक असुर के साथ नौ दिन अर्थात प्रतिपदा से नवमी तक युद्ध कर, नवमी की रात्रि को उसका वध किया । इसलिए उस समय से देवी को ‘महिषासुरमर्दिनी’ के नाम से जाना जाता है ।

सर्वमंगलमांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तुते ।।

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नवरात्रि के संदर्भ में विशेष जानकारी

युगों-युगों से नवरात्रि का व्रत रखा जाता है । इसलिए इन ९ दिनों में देवी के ९ रूपों की पूजा की जाती है । इस वर्ष की नवरात्रि के उपलक्ष्य में हम देवी के इन ९ रूपों की महिमा समझ लेते हैं । यह व्रत आदिशक्ति की उपासना ही है !

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श्री दुर्गासप्तशति स्तोत्र के अनुसार श्री दुर्गा देवी के तीन प्रमुख तीन रूप हैं ।

अ. महासरस्वती, जो ‘गति’ तत्त्व की प्रतीक है ।
आ. महालक्ष्मी, जो ‘दिक्’ अर्थात ‘दिशा’ तत्त्व की प्रतीक है ।
इ. महाकाली जो ‘काल’ तत्त्व का प्रतीक है ।

ऐसी जगत्‌ का पालन करनेवाली जगत्पालिनी, जगदोद्धारिणी मां शक्ति की उपासना हिन्दू धर्म में वर्ष में दो बार नवरात्रि के रूप में, विशेष रूप से की जाती है ।

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